डिजिटल मैमोग्राफी
स्क्रीनिंग और बायोप्सी एक ही कमरे में।स्तन कैंसर जल्दी पकड़ में आ जाए तो आमतौर पर उसका इलाज हो सकता है। हमारी बिलकुल नई ऐलेंजर्स डिजिटल मैमोग्राफी मशीन — उसी मशीन पर स्टीरियोटैक्टिक बायोप्सी सहित — रोज़ २४ घंटे उपलब्ध है, और हर जाँच डॉ. मते स्वयं पढ़ते हैं।
हम जो स्तन जाँचें करते हैं
- स्क्रीनिंग मैमोग्राफी — क्रैनियो-कॉडल (CC) और मीडियो-लैटरल ऑब्लिक (MLO) व्यू
- गाँठ, दर्द, त्वचा में बदलाव या निप्पल से स्राव होने पर डायग्नोस्टिक मैमोग्राफी
- ऐसी गाँठ की स्टीरियोटैक्टिक बायोप्सी जो केवल मैमोग्राम पर दिखती है
- सोनो-मैमोग्राफी — स्तन की सोनोग्राफी, उसी भेंट में
- सोनोग्राफी-गाइडेड स्तन बायोप्सी और एफ़एनएसी
- ३टी स्कैनर पर स्तन एमआरआई — निदान, स्टेजिंग और BI-RADS
- बग़ल और गाँठों की जाँच
- आपके पुराने मैमोग्राम और फ़िल्मों से तुलना
- हर रिपोर्ट में BI-RADS श्रेणी और आगे क्या करना है, साफ़ लिखा जाता है
तैयारी कैसे करें
- यदि माहवारी अब भी होती है तो माहवारी ख़त्म होने के बाद वाले सप्ताह में बुक कराएँ — तब स्तनों में सबसे कम दर्द रहता है।
- जाँच वाले दिन छाती या बग़ल पर पाउडर, डियोडरेंट, इत्र या क्रीम न लगाएँ।
- पुराने सभी मैमोग्राम, स्तन सोनोग्राफी की रिपोर्ट और फ़िल्में साथ लाएँ — तुलना से ही छोटा बदलाव पकड़ में आता है।
- ऊपर-नीचे अलग कपड़े पहनकर आएँ, ताकि सिर्फ़ ऊपर का कपड़ा उतारना पड़े।
- गर्भवती हों, स्तनपान कराती हों, या स्तन में इम्प्लांट हो तो स्टाफ़ को बताएँ।
- हर मैमोग्राम के समय महिला सहायिका मौजूद रहती है।
तैयारी को लेकर शंका है? निकलने से पहले हमें व्हाट्सएप संदेश भेजें।
मरीज़ जो सवाल पूछते हैं
क्या मैमोग्राम में दर्द होता है?
स्तन को दो प्लेटों के बीच कुछ सेकंड के लिए कसकर दबाया जाता है। ज़्यादातर महिलाओं को दर्द नहीं, थोड़ी असहजता लगती है, और वह जल्दी ख़त्म हो जाती है। माहवारी के बाद वाले सप्ताह में कराने से यह काफ़ी आसान रहता है।
स्क्रीनिंग किस उम्र से शुरू करनी चाहिए?
ज़्यादातर दिशानिर्देश लगभग ४० की उम्र से हर साल स्क्रीनिंग की सलाह देते हैं, और यदि माँ, बहन या बेटी को स्तन कैंसर रहा हो तो उससे पहले। किसी भी आम नियम से ज़्यादा आपका अपना इतिहास मायने रखता है — पहली जाँच के बाद डॉ. मते आपको बताएँगे कि आपके लिए कितने अंतराल पर ठीक रहेगा।
मैमोग्राम या सोनोग्राफी — मुझे कौन सी चाहिए?
अक्सर दोनों। कम उम्र की महिलाओं में स्तन का ऊतक घना होता है, जहाँ सोनोग्राफी वह देख लेती है जो मैमोग्राम से छूट सकता है; वहीं मैमोग्राम पर वे बारीक कैल्शियम के कण दिखते हैं जो सोनोग्राफी में नहीं आते। दोनों यहाँ एक ही भेंट में हो जाती हैं, दोबारा आने की ज़रूरत नहीं।
स्टीरियोटैक्टिक बायोप्सी क्या है?
जब मैमोग्राम पर कुछ ऐसा दिखे जो सोनोग्राफी में न आए, तब मशीन ख़ुद सुई को ठीक उसी जगह तक पहुँचाती है और ऊतक का नमूना ले लेती है। यह सुन्न करने वाले इंजेक्शन से होता है — न ऑपरेशन, न भर्ती।
यह जाँच करवानी है?
अपनी पर्ची व्हाट्सएप पर भेजें, हम समय और दर बता देंगे।
अन्य सेवाएँ

एमआरआई स्कैन
३टी — बजाजनगर में पहला।बिलकुल नया ३टी स्कैनर — बजाजनगर और वालूज में पहला — मस्तिष्क, रीढ़, जोड़ों, स्तन, हृदय और पूरे शरीर की जाँच के लिए।
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सिटी स्कैन
९६ स्लाइस, एक ही साँस में।सीमेंस ९६-स्लाइस स्कैनर — आपातकाल, छाती, पेट, हड्डियों, एंजियोग्राफी और थ्रीडी रचना के लिए।
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सोनोग्राफी और फ़ीटल मेडिसिन
डॉक्टर स्वयं करते हैं, किसी और को नहीं सौंपते।हर जाँच डॉ. मते स्वयं करते हैं — एनटी, एनोमली और ग्रोथ डॉप्लर जाँचें भी।
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डिजिटल एक्स-रे
डिजिटल, और रात ३ बजे भी खुला।ऐलेंजर्स की सच्ची डिजिटल डीआर मशीन, ३०० एमए हाई फ़्रीक्वेंसी — कम मात्रा, तुरंत तस्वीर, उसी भेंट में रिपोर्ट।
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ओपीजी और डेंटल सीबीसीटी
पूरा जबड़ा एक ही बार में।पूरे मुँह की पैनोरमिक तस्वीर और थ्रीडी कोन बीम सिटी — इम्प्लांट, अक़्ल दाढ़ और रूट कैनाल के लिए।
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इमेज-गाइडेड प्रक्रियाएँ
सुई वहीं जाती है जहाँ स्क्रीन दिखाती है।बायोप्सी, पानी निकालना और नाली डालना — सोनोग्राफी, सिटी या एक्स-रे की निगरानी में, रेडियोलॉजिस्ट स्वयं करते हैं।
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